ध्रितराष्ट्र पुत्र कौरव पांडु पुत्र पांडव से क्यों जलते थे। क्या कारण है इसका?

ध्रितराष्ट्र पुत्र कौरव पांडु पुत्र पांडव से क्यों जलते थे। क्या कारण है इसका?


हस्तिनापुर के राजकुमारों में कौरव से अधिक बलशाली और तेजस्वी पांडु पुत्र थे।


ध्रितराष्ट्र पुत्र कौरव पांडु पुत्र पांडव से क्यों जलते थे। क्या कारण है इसका?
ध्रितराष्ट्र पुत्र कौरव पांडु पुत्र पांडव से क्यों जलते थे। क्या कारण है इसका?

सभी राजकुमारो को कृपाचार्य के पास शिक्षा के लिए भेजा गया। कौरवो का नेतृत्व दुर्योधन कर रहा था। दुर्योधन कौरवो में सबसे बड़ा भाई था। दुर्योधन दुष्ट प्रकृति का था। वह हमेशा पांडवो से जलता रहता था। क्योंकि पांडव कौरवो से शिक्षा, अस्त्र-शस्त्र, बुद्धि कौशल सभी में निपुण था। भीम से दुर्योधन और अधिक जलता था। 


ध्रितराष्ट्र पुत्र कौरव पांडु पुत्र पांडव से क्यों जलते थे। क्या कारण है इसका?
ध्रितराष्ट्र पुत्र कौरव पांडु पुत्र पांडव से क्यों जलते थे। क्या कारण है इसका?

एक बार सभी जल क्रीड़ा के लिए गंगा किनारे गए। वही मौका देखकर दुर्योधन ने भीम को विष दे वेहोश करके गंगा जी में डाल दिया। भीम जल में डूबते-डूबते नाग लोक पहुँच गए। वहां विषैले सांपो के काटने से भीम का विष दूर हो गया। नागराज बासुकी ने भीम की सेवा सत्कार कर वापस भेज दिया। और बहुत ताकत भी दिए आशीर्वाद के रूप में। और आशीर्वाद दिया कि आज से तुम्हारे बाजू में एक सौ हाथियों का बल होगा।

इधर भीम के नही मिलने पर सभी उदास मन लिये वापस लौट गए। भीष्म, कुंती अति दुखित हुए। लेकिन आठ दिन में भीम स्वमं महलो में पहुँचे। तब सभी आनंदित हुए। 
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