पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?

पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ?

पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?
पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?

सबसे पहले बात करते है पांडव कौन थे? पांडव पांच भाई थे। युधिष्टिर , भीम , अर्जुन , नकुल और सहदेव। जिसकी माता कुंती को और पिता पांडु को कहा जाता है।

पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?
पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?

पांडु ने जब अपना राज्य का त्याग किया तब पांडु ने अपने दोनों पत्नी कुंती और माद्री के साथ जंगल में चले गए। पांडु को कोई भी संतान नही था, इसलिए पांडु हमेशा दुःखी रहते थे। ये बात कुंती को बिल्कुल अच्छा नही लगता था। तब कुंती ने दुर्वाशा ऋषि के वरदान के बारे में पांडु से कहा। ऋषि दुर्वासा ने वरदान दिए थे कि तुम जिस किसी देवता का आवाहन करोगी तो तुम्हे उस देवता के अंश समान पुत्र की प्राप्ति होगी। तब पांडु बहुत खुश हुए, और कुंती को पुत्र उत्पन्न करने की आज्ञा दिए। 

पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?
पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?

कुंती ने सबसे पहले दुर्वाशा ऋषि के मंत्र का स्मरण करते हुए, धर्मराज का आवाहन किया जिससे धर्मराज ने कुंती को युधिष्टिर दिया, उसके बाद पांडु ने सोचा कि युधिष्ठिर आगे चलकर राजा बनेगा, तो उसके देखरेख और उसके रक्षा के लिए उसके भाइयों का होना बहुत जरूरी है। 

पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?
पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?

तब फिर कुंती ने वायु देव को आवाहन करके भीम की प्राप्ति की, उसके बाद फिर कुंती ने इंद्र देव को आवाहन करके अर्जुन की प्राप्ति की, जो आगे चलकर दुनिया का सर्वश्रेष्ठ धनुधर बना। 

पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?
पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?

ये सब होने के बाद माद्री हमेशा दुःखी रहती थी, क्योंकि उसके पास कोई पुत्र नही था। ये बात कुंती को अच्छी नही लगती थी। इसके लिए कुंती ने माद्री से कहा कि में तुम्हारे लिए देवता का आवाहन करूंगी, और तुम्हे भी पुत्र की प्राप्ति होगी। इसके बाद माद्री भी तैयार हो गई।

पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?
पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?

और माद्री और कुंती ने मिलकर  अश्वनी देव का आवाहन किया जिससे एक साथ माद्री को नकुल और सहदेव की प्राप्ति हुई। जो आगे चलकर पांचो भाई युधिष्टिर, भीम, अर्जुन, नकुल, और सहदेव पांडव कहलाये।

पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?
पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?

इस तरह से पांडवो की उत्पत्ति हुई।

पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?
पांडवो की उत्पत्ति कैसे हुई? पांडवो का जन्म कैसे हुआ? Pandavo ki utpati kaise huye? Pandavo ka janm kaise huya?

Previous Post
Next Post

My self dhiraj kumar I self run this website I,m owner and worker of this websites . Please keep us support

Related Posts