द्रौपदी ने दुर्योधन को अंधे का बेटा अंधा ही होता है ऐसा क्यों कहा?

द्रौपदी ने दुर्योधन को अंधे का बेटा अंधा ही होता है ऐसा क्यों कहा? Draupadi ne duryodhan ko andhe ka beta andha hi hota hai aisa kyon kaha?

द्रौपदी ने दुर्योधन को अंधे का बेटा अंधा ही होता है ऐसा क्यों कहा? Draupadi ne duryodhan ko andhe ka beta andha hi hota hai aisa kyon kaha?
द्रौपदी ने दुर्योधन को अंधे का बेटा अंधा ही होता है ऐसा क्यों कहा? Draupadi ne duryodhan ko andhe ka beta andha hi hota hai aisa kyon kaha?

युधिष्टिर ने इन्द्रप्रस्थ में राजसूय यज्ञ करने की सोची। राजसूय यज्ञ की तैयारियां होने लगी। सभी राजा गण ब्राह्मण, ऋषि उस यज्ञ में आमंत्रण थे। दुर्योधन जब महल में आया उसे समझ में ना आया। जिधर पृथ्वी नजर आ रही थी वह उधर ही बढ़ चला। लेकिन वह तो जलाशय था। इसलिए दुर्योधन धोखा खाकर गिर पड़ा। द्रौपदी झरोखे से देख रही थी। यह देख उसे हंसी आई और बोली अंधे के अंधे ही होते हैं।
द्रौपदी ने दुर्योधन को अंधे का बेटा अंधा ही होता है ऐसा क्यों कहा? Draupadi ne duryodhan ko andhe ka beta andha hi hota hai aisa kyon kaha?
द्रौपदी ने दुर्योधन को अंधे का बेटा अंधा ही होता है ऐसा क्यों कहा? Draupadi ne duryodhan ko andhe ka beta andha hi hota hai aisa kyon kaha?

इस बात को सुन दुर्योधन आग बबूला हो गया। लेकिन उस समय उसने क्रोध को दबा लिया।
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