द्रौपदी पांचो पांडव की पत्नी कैसे बनी? किस कारण से द्रौपदी को पांच पति मिले।

द्रौपदी पांचो पांडव की पत्नी कैसे बनी? किस कारण से द्रौपदी को पांच पति मिले। draupadi paancho pandav ki patni kaise bani? Kis karan se draupadi ko paanch pati mile?

द्रौपदी पांचो पांडव की पत्नी कैसे बनी? किस कारण से द्रौपदी को पांच पति मिले। draupadi paancho pandav ki patni kaise bani? Kis karan se draupadi ko paanch pati mile?

अर्जुन ने द्रौपदी को स्वयम्वर में जीता और अपने आवास को चल दिया, जब  अर्जुन अपनी माता के पास पहुंचे तो उन्होंने कहा माता आज मै अदभुत भिक्षा लाया हूं। कुंती ने बिना देखे ही कहा जो लाये हो उसे पांचों भाई मिलकर खाओ। बाद में जब कुंती को मालूम हुआ कि भिक्षा के रूप में बहू है। तो उन्हें बड़ा पश्चाताप हुआ। लेकिन मां की आज्ञा को सभी भाई ने मान्य दिया। फिर पांचों भाई का एक साथ द्रुपद के महल में शुभ मुहूर्त में पानीग्रहण हुआ।  द्रुपद अपनी कन्या के पांच पति नही बनाना चाहते थे। परंतु व्यास जी के समझाने पर बाध्य होना पड़ा था।
द्रौपदी पांचो पांडव की पत्नी कैसे बनी? किस कारण से द्रौपदी को पांच पति मिले। draupadi paancho pandav ki patni kaise bani? Kis karan se draupadi ko paanch pati mile?

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