पांडवो और कौरवो के जुए की चाल में द्रौपदी कैसे हार गई? Pandavo aur kauravo ke jua ki chal me draupadi kaise haar gai?

पांडवो और कौरवो के जुए की चाल में द्रौपदी कैसे हार गई? Pandavo aur kauravo ke jua ki chal me draupadi kaise haar gai?

पांडवो और कौरवो के जुए की चाल में द्रौपदी कैसे हार गई? Pandavo aur kauravo ke jua ki chal me draupadi kaise haar gai?
पांडवो और कौरवो के जुए की चाल में द्रौपदी कैसे हार गई? Pandavo aur kauravo ke jua ki chal me draupadi kaise haar gai?

पांडवो ने जब हस्तिनापुर आए तब दुर्योधन ने तुरंत युधिष्टिर से जुआ खेलने का प्रस्ताव रखा। युधिष्टिर ने इसे स्वीकार कर लिया। दुर्योधन अपने तरफ से अपने मामा शकुनी को बैठाया। 
पांडवो और कौरवो के जुए की चाल में द्रौपदी कैसे हार गई? Pandavo aur kauravo ke jua ki chal me draupadi kaise haar gai?
पांडवो और कौरवो के जुए की चाल में द्रौपदी कैसे हार गई? Pandavo aur kauravo ke jua ki chal me draupadi kaise haar gai?

युधिष्टिर जो कुछ भी दांव पर लगाता कपट से शकुनि सब जीत लेता। युधिष्टिर अपने राज्य समेत सभी धन दौलत जुए में हारने के बाद अपने भाइयों को भी हार गया। फिर स्वयं भी हार गए। स्वयं हारने के बाद युधिष्टिर घबरा उठे। आगे दांव लगाने के लिए उनके पास कुछ भी नही बचा। तब कपटी शकुनि बोला युधिष्टिर अभी तेरे पास दांव लगाने के लिए द्रौपदी बची हुई है। 
पांडवो और कौरवो के जुए की चाल में द्रौपदी कैसे हार गई? Pandavo aur kauravo ke jua ki chal me draupadi kaise haar gai?
पांडवो और कौरवो के जुए की चाल में द्रौपदी कैसे हार गई? Pandavo aur kauravo ke jua ki chal me draupadi kaise haar gai?

शायद उसे दांव लगाने से सभी कुछ वापस आ जाये। यह सुन अर्जुन, भीम उतेजित हो उठे। लेकिन युधिष्ठिर ने उन्हें सांत किया और द्रौपदी को भी दांव पर लगा दिए। अंत में द्रौपदी को भी हार गए।
पांडवो और कौरवो के जुए की चाल में द्रौपदी कैसे हार गई? Pandavo aur kauravo ke jua ki chal me draupadi kaise haar gai?
पांडवो और कौरवो के जुए की चाल में द्रौपदी कैसे हार गई? Pandavo aur kauravo ke jua ki chal me draupadi kaise haar gai?

अपने जीत पर खुशी हो दुर्योधन अपने भाई दुःशाशन से बोला द्रौपदी अब हमारी दासी हो गई है। इसलिये उसे तुरंत यहाँ लेकर आओ। दुर्योधन की आज्ञा पाकर दुःशाशन महल के अंदर जाकर द्रौपदी से दुर्योधन की आज्ञा सुना दी।
Previous Post
Next Post

My self dhiraj kumar I self run this website I,m owner and worker of this websites . Please keep us support

Related Posts